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फेडरल कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को अवैध ठहराया, सुप्रीम कोर्ट में अपील की तैयारी


वाशिंगटन डीसी | (CG ई खबर): 
अमेरिका की एक फेडरल अपील अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए ज्यादातर टैरिफ अवैध हैं। हालांकि, कोर्ट के इस आदेश के बावजूद टैरिफ 14 अक्टूबर तक लागू रहेंगे, जिससे ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अवसर मिलेगा।

‘अधिकारों का अतिक्रमण किया है’ : फेडरल कोर्ट

वाशिंगटन डीसी स्थित संघीय सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि ट्रंप ने इमरजेंसी पॉवर कानून के तहत टैरिफ लगाकर अपने संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण किया है। अदालत के आदेश में साफ कहा गया,

“यह कानून राष्ट्रपति को घोषित राष्ट्रीय आपातकाल के जवाब में कई कार्रवाई करने का अधिकार देता है, लेकिन इसमें टैरिफ, शुल्क या कर लगाने की शक्ति शामिल नहीं है।”

इससे पहले, न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय ने 28 मई को ही यह फैसला सुनाया था कि ट्रंप ने टैरिफ लगाकर अपने अधिकार से आगे बढ़ने का प्रयास किया है। इस पैनल में तीन न्यायाधीश शामिल थे, जिनमें से एक को ट्रंप ने ही नियुक्त किया था। वाशिंगटन की एक अन्य अदालत भी इसी नतीजे पर पहुँची थी, जिसके खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने अपील की थी।

यह फैसला ट्रंप द्वारा अप्रैल में ट्रेड वार के तहत लागू किए गए “पारस्परिक टैरिफ” और फरवरी में चीन, कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ लगाए गए टैरिफ पर लागू होता है। हालांकि, स्टील और एल्युमीनियम पर विभिन्न कानूनों के तहत लगे टैरिफ इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।

डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया

अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं” और उन्हें बनाए रखने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने अपील अदालत को “पक्षपातपूर्ण” और उसके फैसले को “गलत” करार दिया।

ट्रंप ने टैरिफ को अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा और मेड इन अमेरिका उत्पादों के समर्थन का सबसे बेहतर माध्यम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अमेरिका की जीत और हार का सवाल है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने इन टैरिफ को अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA), 1977 के तहत सही ठहराने की कोशिश की थी। अदालत ने साफ किया कि कांग्रेस ने इस कानून के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार कभी नहीं दिया था।



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