हरदी बाजार। (CG ई खबर|प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल) : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को हरदी बाजार में आयोजित सभा से एसईसीएल प्रबंधन पर सीधा निशाना साधा।
बघेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भूविस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कांग्रेस के 35 विधायक भी विधानसभा छोड़कर हरदी बाजार में धरना देंगे। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि आप मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद करें।
भूविस्थापितों की पीड़ा
हरदीबाजार और आसपास के क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं के चलते हजारों परिवार अपनी जमीन, घर और आजीविका से वंचित हुए हैं। भूविस्थापितों को न तो समय पर मुआवजा मिला है और न ही वादा किए गए रोजगार। कई परिवार आज भी वर्षों से पुनर्वास और आजीविका के संकट से जूझ रहे हैं।
- प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा राशि उनके वास्तविक नुकसान की तुलना में बेहद कम है।
- रोजगार का वादा कागजों तक सीमित है, जबकि युवा बेरोजगारी और असुरक्षा से जूझ रहे हैं।
- पुनर्वास कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं—बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा—का अभाव है।
बघेल ने मंच से साफ कहा कि “सरकार और प्रबंधन को जनता की ताकत का एहसास कराना होगा, क्योंकि यही ताकत उन्हें जवाबदेह बनाएगी।”
सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। बघेल के तीखे तेवर और भूविस्थापितों के मुद्दों पर दिए गए बयानों से एसईसीएल प्रबंधन में हलचल मच गई है।









