कोरबा (CG ई खबर): छत्तीसगढ़ किसान सभा (अ. भा. किसान सभा - AIKS से संबद्ध) जिला समिति कोरबा ने गेवरा क्षेत्र से प्रभावित गांवों के रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा की मांग को लेकर सोमवार को गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। घंटों तक चले इस आंदोलन के बाद किसान सभा नेताओं और विस्थापित ग्रामीणों ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि जब तक लंबित समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक खदान विस्तार को रोक दिया जाएगा।
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब पूर्व सूचना के बावजूद महाप्रबंधक कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस पर भू-विस्थापितों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी और अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। अंततः महाप्रबंधक स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
छग किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि एसईसीएल द्वारा विस्थापित प्रत्येक परिवार को नियमित रोजगार, पुनर्वास की सुविधा और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अधिग्रहित ग्रामों की समस्याएं अब तक लंबित हैं जबकि नए विस्तार तेजी से किए जा रहे हैं।
किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि प्रभावित प्रत्येक छोटे-बड़े खातेदारों को स्थाई नौकरी, पुनर्वास और प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाएं जैसे पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा तथा 8 अक्टूबर को गेवरा कार्यालय का महाघेराव होगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच विष्णु सिंह, पार्षद राहुल, प्रशांत झा, जवाहर सिंह कंवर, जय कौशिक, दामोदर श्याम, संजय यादव, रमेश दास, गुलाब दास, इंदू, तुलेश दास समेत बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीण शामिल थे। किसान सभा ने ज्ञापन की प्रति प्रशासन को भी भेज दी है।










