बैकुंठपुर (कोरिया |CG ई खबर)। जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत एक सरकारी स्कूल परिसर में मर्यादा को तार-तार करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए अश्लील डांस वीडियो में रोजगार सहायक जिंदरसाय सोनवानी को सार्वजनिक स्थान पर डांसर पर नोट उड़ाते हुए देखा गया, जिसके बाद यह मामला न सिर्फ सोशल मीडिया बल्कि मीडिया में भी सुर्खियों में रहा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत सोनहत प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में आता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आचरण एक लोक सेवक के कर्तव्यों के सर्वथा विपरीत है तथा इससे शासन की छवि को गंभीर क्षति पहुंची है।
प्रशासन द्वारा पहले संबंधित रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के तहत तत्काल प्रभाव से पद से पृथक कर दिया गया है। जनपद पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन के दौरान अनुशासनहीनता और अमर्यादित व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो चुका है।
गरियाबंद और सूरजपुर में भी हो चुकी है कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम के दौरान ओडिशा से बुलाई गई बार डांसर के अश्लील नृत्य का वीडियो सामने आया था। उस कार्यक्रम में तत्कालीन मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम की मौजूदगी और उनके लिए आगे की सीट आरक्षित होने की बात सामने आने पर भारी विवाद हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर के आदेश पर एसडीएम को उनके पद से हटा दिया गया था।
वन विभाग के रेस्ट हाउस में भी हुआ था अश्लील डांस
गरियाबंद प्रकरण के बाद सूरजपुर जिले से भी अश्लील डांस का वीडियो सामने आया था, जहां वन विभाग के रेस्ट हाउस में महिलाओं द्वारा अर्धनग्न होकर आपत्तिजनक तरीके से डांस किया गया। इस मामले में भी प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर सख्त कदम उठाते हुए दोषी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब ऐसे कृत्यों पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई कर रहा है। अब सवाल यह है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए और क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।











