छत्तीसगढ़/कोरबा। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोरबा जिले में आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उप निरीक्षक नारायण सिंह कंवर को सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उच्च शिक्षा विभाग मंत्री श्री टंकराम वर्मा के कर-कमलों से मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर दिया गया।
यह सम्मान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं जनसेवा के प्रति समर्पण भाव से किए गए कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उप निरीक्षक नारायण सिंह कंवर का उत्साहवर्धन किया।
कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को मिला सम्मान
सम्मान प्रदान करते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि
“पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समाज की सुरक्षा की रीढ़ होते हैं। उप निरीक्षक नारायण सिंह कंवर ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ किया है, जो अत्यंत सराहनीय है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को सार्वजनिक मंच से सम्मानित करने से अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
गणतंत्र दिवस पर खास सम्मान
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यह सम्मान और भी विशेष माना जा रहा है। यह दिन संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाने के साथ-साथ उन लोगों को सम्मानित करने का अवसर भी होता है, जो देश और समाज की सेवा में निरंतर समर्पित रहते हैं।
नारायण सिंह कंवर ने जताया आभार
सम्मान प्राप्त करने के बाद उप निरीक्षक नारायण सिंह कंवर ने कहा,
“यह सम्मान मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। यह मुझे अपने कर्तव्यों को और अधिक ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने मंत्री, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गरिमामय रहा समारोह
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रध्वज फहराया गया, आकर्षक परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। देशभक्ति गीतों और प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कर दिया। समारोह में जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
प्रेरणास्रोत बना सम्मान समारोह
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सम्मान समारोह न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में अनुशासन, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी देते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।











