(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर: सरस्वती मरकाम)
छत्तीसगढ़ | कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा में शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए कन्या छात्रावास (आश्रम) परिसर के भीतर आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बिना किसी वैधानिक अनुमति के कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल तोड़कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे वहां निवासरत आदिवासी बालिकाओं की सुरक्षा पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है।
मामले को लेकर ग्राम तिलकेजा निवासी अनंत कुमार धीवर ने कलेक्टर कोरबा को लिखित शिकायत सौंपते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक–02 के जर्जर भवन के स्थान पर नए भवन निर्माण की स्वीकृति शासन से ली गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा जानबूझकर गलत स्थल का चयन किया गया। आरोप है कि नियमों के विपरीत कन्या आश्रम के कैंपस के भीतर जबरन निर्माण कराया जा रहा है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जिस परिसर में छोटी-छोटी बालिकाएं निवास करती हैं, उसी स्थान पर भारी निर्माण कार्य कराना उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और निजता के साथ गंभीर खिलवाड़ है। हैरानी की बात यह है कि प्राथमिक शाला तिलकेजा परिसर में पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध होने के बावजूद उसे नजरअंदाज किया गया।
निर्माण के दौरान कन्या आश्रम की बाउंड्रीवाल को बिना अनुमति तोड़ दिया गया, जिससे छात्रावास परिसर पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि दीवार टूटने से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इतना ही नहीं, पूर्व में निर्मित आंगनबाड़ी भवन को भी बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के ध्वस्त कर दिया गया, जिससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति होने का आरोप लगाया गया है। पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और ग्राम पंचायत की मनमानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए, दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा कन्या आश्रम की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।









