(CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)
रायपुर। राज्य शासन ने जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग में वरिष्ठ स्तर पर व्यापक फेरबदल किया गया है। इसके तहत राज्य कार्यालय, जल जीवन मिशन मुख्यालय और मैदानी कार्यालयों में पदस्थ कुल 34 अधिकारियों के तबादले और जिम्मेदारियों में बदलाव किए गए हैं।
मैदानी स्तर पर कसावट, पदोन्नति से बढ़ेगी कार्यक्षमता
जल जीवन मिशन के जमीनी क्रियान्वयन को मजबूत करने के उद्देश्य से 26 उप अभियंताओं को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। शासन का मानना है कि इससे मैदानी स्तर पर निगरानी और कार्य निष्पादन में तेजी आएगी।
इसके साथ ही दोहरे प्रभार पर कार्यरत अधीक्षण अभियंता संजीव बृजपुरिया को उनके ओएसडी पद से मुक्त कर दिया गया है। अब वे केवल दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। यह निर्णय प्रशासनिक स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
लापरवाही पर सख्ती: मुख्य अभियंता निलंबित
कार्य में गंभीर लापरवाही और बिना अनुमति सामग्री परिवर्तन के मामले में रायपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं, जिसे एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
वहीं, पूर्व में निलंबित किए गए छह कार्यपालन अभियंताओं को बहाल करने के आदेश भी जारी किए गए हैं, जिससे विभागीय संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
नई जिम्मेदारियां, मिशन को मिलेगी मजबूती
प्रभारी प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी को जल जीवन मिशन का अतिरिक्त मिशन संचालक नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालन अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाई जा सके।
स्पष्ट संदेश: परिणाम नहीं तो कार्रवाई
राज्य सरकार के इस फैसले को जल जीवन मिशन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्य पूर्णता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह संदेश भी साफ है कि लापरवाही पर सख्ती और अच्छे कार्य पर अवसर—दोनों साथ-साथ चलेंगे।









