जांजगीर-चांपा। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित नशीली दवा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। कोतवाली जांजगीर और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीली टैबलेट सहित वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित चतुर्वेदी और रूपेश गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से कुल 1140 नग अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की गई हैं। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
1.63 लाख रुपये का सामान जब्त
संयुक्त पुलिस कार्रवाई में बरामद सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 63 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने नशीली टैबलेट के साथ उन वाहनों को भी जब्त किया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नशीली दवाओं की आवाजाही में किया जा रहा था।
साइबर टीम की मदद से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
मामले में साइबर थाना पुलिस की भूमिका भी अहम रही। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद कोतवाली पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया और तलाशी के दौरान 1140 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली टैबलेट आरोपियों तक कहां से पहुंची थीं और इन्हें जांजगीर-चांपा में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इसके साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नशीली दवाओं की सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
नशीली टैबलेट की बरामदगी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से भी नशीली दवाओं की अवैध बिक्री या तस्करी से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी निगरानी और मैदानी स्तर पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


