CG ई खबर: विजय चौहान – बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ़ :- कोरबा राज्योत्सव के अवसर पर कटघोरा को नया जिला घोषित करने की मांग एक बार फिर से जोरों पर है। लंबे समय से इस विषय पर संघर्षरत अधिवक्ताओं और स्थानीय संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि 1 नवंबर तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
🔹 मुख्य बिंदु
- कटघोरा को जिला बनाने की मांग को 50 से अधिक संगठनों का समर्थन मिला
- 1 नवंबर तक निर्णय की मांग, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी
- स्थानीय नेताओं ने कहा — “चुनाव में वादा करने के बाद भी पूर्व सरकारों ने इस विषय को ठंडे बस्ते में डाल दिया”
- संगठनों का तर्क — “कटघोरा क्षेत्र में जिला बनने की सभी प्रशासनिक व भौगोलिक संभावनाएं मौजूद हैं”
🔹 जनता की आवाज
“हमें विश्वास है कि वर्तमान सरकार हमारी मांग को गंभीरता से लेकर शीघ्र निर्णय करेगी।”
— कटघोरा अधिवक्ता संघ प्रतिनिधि
🔹 क्या है मांग?
कटघोरा को जिला बनाए जाने की मांग कई वर्षों से चली आ रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि कटघोरा जिला बनता है तो उन्हें कोरबा या बिलासपुर जैसे दूरस्थ जिलों में प्रशासनिक कार्यों के लिए नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय, संसाधन और ऊर्जा की बचत होगी।
🔹 समर्थन
50 से अधिक सामाजिक, व्यापारी और जनसंगठनों ने इस मांग का समर्थन किया है। राज्योत्सव के मौके पर इस विषय पर फिर से आवाज बुलंद होने से अब सबकी निगाहें सरकार के निर्णय पर टिकी हैं।









