शिकायत में उन्होंने बताया कि दिनांक 23 अक्टूबर 2025 को उनके न्यूज पोर्टल पर “कोरबा में कबाड़ियों की मनमानी चरम पर, बायपास रोड किनारे बढ़ता अतिक्रमण — प्रशासन मौन” शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन कथित रूप से बादल कबाड़ी इस खबर से नाराज हो गया।
योगेश सलूजा ने बताया कि खबर प्रसारित होने के बाद ओमप्रकाश ट्रेडर्स नामक व्यक्ति द्वारा उनके फोनपे खाते में रात 10:23 बजे ₹1000 की राशि ट्रांसफर की गई, जिसकी जानकारी उन्हें अगले दिन दोपहर में मिली। उन्होंने दावा किया कि यह राशि उन्हें फंसाने और झूठी शिकायत का आधार बनाने के उद्देश्य से भेजी गई थी।
पत्रकार ने कहा कि बादल कबाड़ी द्वारा उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है, जबकि वह स्वयं बायपास रोड किनारे अवैध अतिक्रमण और कबाड़ के अवैध कारोबार में लिप्त है।
योगेश सलूजा ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और झूठी शिकायत करने एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।











