रायपुर (CG ई खबर): देश के दक्षिण-पूर्वी समुद्री तट पर आए भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ का तटीय इलाकों में असर अब धीरे-धीरे कम हो चुका है, लेकिन इसका प्रभाव अब मध्य भारत में नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ में भी ‘मोन्था’ का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और दुर्ग-भिलाई समेत आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, ‘मोन्था’ के कमजोर पड़ने और पश्चिम की ओर बढ़ने से सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, विभाग ने अनुमान जताया है कि 31 अक्टूबर से बारिश में कमी आने लगेगी।
🌧️ आंध्र प्रदेश के दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट
Chhattisgarh Weather Report Today:
मोन्था तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले में चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने अमरावती में भी हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
इस बीच, विशाखापत्तनम चक्रवात चेतावनी केंद्र के सुरक्षा अधिकारी नागा भूषणम ने बताया कि एनटीआर, पालनाडु और प्रकाशम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है।
⚠️ मछुआरों के लिए विशेष निर्देश
नागा भूषणम ने जानकारी दी कि,
“अगले 24 घंटों में यह मौसम प्रणाली एक दबाव क्षेत्र में बदल सकती है, जिससे एनटीआर, पालनाडु, प्रकाशम, श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर और गुंटूर जिले प्रभावित हो सकते हैं। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। हवा की गति 60 से 70 किमी/घंटा, जो कुछ स्थानों पर 80 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।”
इसी के चलते मछुआरों को आज और कल समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं, तेलंगाना के वारंगल जिले में भी ‘मोन्था’ के प्रभाव से भारी बारिश दर्ज की गई है।
🌀 सावधानी बरतें:
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आने वाले 24 घंटे तक अनावश्यक यात्रा से बचें, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
📍 रिपोर्ट: CG ई खबर टीम
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