रायपुर (CG ई खबर) — राजधानी रायपुर में पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर का शुक्रवार को जुलूस निकाला। पुलिस की कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र तोमर बेहोश हो गया और लंगड़ाते हुए चलता नजर आया। उसकी बनियान भी फटी हुई थी। जुलूस के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सोमवार को दोबारा उसे अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल वीरेंद्र की रात पुलिस कस्टडी में बीतेगी।
🧾 कौन है वीरेंद्र सिंह तोमर?
वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह अपने भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी और उगाही का कारोबार करता है। आरोप है कि यह लोग कर्जदारों से मूलधन से कहीं ज्यादा ब्याज वसूलते थे और रकम नहीं लौटाने पर मारपीट, धमकी और ब्लैकमेलिंग करते थे।
पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि वीरेंद्र सिंह तोमर पर 2006 से अब तक 6 से ज्यादा केस अलग-अलग थानों में दर्ज हैं — जिनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। इसी आधार पर पुलिस ने उसे आदतन अपराधी की सूची में रखा है।
⚖️ क्या है पूरा मामला?
करीब 5 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर पर मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद रोहित फरार हो गया, और जल्द ही वीरेंद्र भी गायब हो गया।
पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर पर छापा मारते हुए अवैध हथियार बरामद किया था, जिसके बाद उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
फरारी के दौरान पुलिस ने तोमर ब्रदर्स के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को उनके करीबी सहयोगियों के घरों से 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी जब्त की गई।
जांच में बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड भी मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि यह संपत्ति उन लोगों की है, जिन्होंने तोमर ब्रदर्स से सूद पर पैसे लिए थे और बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए उनकी संपत्तियां जब्त कर ली गईं।









