✍️ रिपोर्ट – प्रदीप राव | CG ई खबर
भिलाईबाजार (छत्तीसगढ़) खदानों की मार झेल रहे भिलाईबाजार क्षेत्र के ग्रामीणों ने अब पुनर्वास की मांग तेज कर दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रेमचंद पटेल ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों के लिए सर्व सुविधायुक्त पुनर्वास स्थल उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीण बोले – “हम सिर्फ जमीन नहीं, अपना घर चाहते हैं”
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खनन गतिविधियों से उनके घरों में दरारें आ गई हैं, पानी और स्वच्छ वायु की समस्या बढ़ गई है। उन्होंने कहा –
“हम सिर्फ जमीन नहीं, एक सुरक्षित घर चाहते हैं, जहाँ बच्चों के लिए स्कूल, अस्पताल और रोज़गार की सुविधा हो।”
सर्वमंगला नगर बना पसंदीदा स्थल
ग्रामीणों ने पुनर्वास के लिए सर्वमंगला नगर को सबसे उपयुक्त स्थान बताया है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र भिलाईबाजार के नजदीक होने के साथ परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त है।
प्रेमचंद पटेल की पहल से जगी उम्मीद
पटेल ने पत्र में लिखा कि यह केवल भूमि हस्तांतरण का विषय नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के जीवन और भविष्य से जुड़ा मानवीय मुद्दा है। उन्होंने पुनर्वास स्थल में पेयजल, बिजली, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन ने कहा – प्रस्ताव पर विचार जारी
कलेक्टर कार्यालय ने पुष्टि की है कि प्रस्ताव को संज्ञान में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जमीन की उपलब्धता, पर्यावरणीय स्वीकृति और बजटीय प्रावधान पर प्रक्रिया चल रही है।
हालांकि ग्रामीणों ने कहा – “जांच में समय लग सकता है, लेकिन हमारे बच्चों का भविष्य इंतज़ार नहीं कर सकता।”
आगे की राह
भिलाईबाजार के खदान प्रभावित परिवारों की यह लड़ाई अब सिर्फ पुनर्वास की नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन की लड़ाई बन चुकी है। यदि प्रशासन संतुलित समाधान निकालता है, तो यह छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति के लिए एक मिसाल साबित हो सकता है।









