कोरबा, 10 नवंबर 2025 (CG ई खबर ) — बाँकी मोंगरा नगर पालिका परिषद के पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नगर की समस्याएँ दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं और पालिका प्रशासन समाधान में पूरी तरह विफल है। पार्षदों ने विशेष रूप से राशन कार्ड जारी करने और खाद्य आपूर्ति से जुड़े किए जा रहे कथित मनमाने व्यवहार पर चिंता जताई और स्थानीय एसडीएम को पत्र सौंप कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, तेजप्रताप सिंह, संदीप डहरिया, तालिका साहू, हेमंत साहनी, इंद्रजीत बींझवार, राजकुमारी, प्रदीप अग्रवाल व बाल्की कुजूर शामिल थे। उन्होंने कहा कि बाँकी मोंगरा नगर पालिका के गठन के बाद से स्टाफ़ की कमी, बंद स्ट्रीट लाइट, कचरा न उठना और अन्य कई बुनियादी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं, लेकिन सबसे गंभीर समस्या खाद्य आपूर्ति और राशन कार्ड से वंचित करने से संबंधित है।
पार्षदों का आरोप है कि पूर्व में जब गिरीश साहू पदस्थ थे तब राशन वितरण और संबंधित कार्य पारदर्शी ढंग से होते थे, जबकि वर्तमान में जब एक भाजपा नेता को खाद्य शाखा का प्रभारी नियुक्त किया गया है तो शाखा शासकीय न होकर पार्टी की शाखा बनी हुई है। उनका कहना है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों के काम तुरंत कर दिए जाते हैं, वहीं कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के नाम काटने व अन्य प्रक्रियाओं में महीनों का विलंब होता है और काम पटाने के लिए अध्यक्ष से बात करवाने की शर्त रखी जाती है।
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि पात्रता की जाँच कर पूरा दस्तावेज़ देने के बावजूद अनावश्यक 'भौतिक सत्यापन' और भय-भड़काकर लोगों को राशन से वंचित किया जा रहा है। कई जगहों पर पारदर्शिता के अभाव और दबाव के कारण कुछ लोगों से पैसे की भी मांग की गई, ऐसा भी बताया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गाइडलाइन्स स्पष्ट हैं — घर के पक्के होने, टीवी-कूलर/वाहन जैसी संवेदनशील चीजों के आधार पर पात्रता का निर्णय किया जाना चाहिए, परन्तु मनमाने वसूली व सत्यापन के चलते आमजन खाद्य सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
पार्षदों ने मांग की कि खाद्य शाखा प्रभारी व भाजपा नेता की भी राशन कार्ड की भौतिक सत्यापन करके जाँच की जाए, क्योंकि उनके अनुसार वह स्वयं बीपीएल कार्ड के लाभार्थी होने का पक्ष रखते हैं। उन्होंने प्रशासन से संज्ञान लेने और त्वरित समाधान न करने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
इस मसले पर नगर पालिका परिषद या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार प्रकाशन समय तक प्राप्त नहीं हुई है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन समस्याओं का निपटारा नहीं करता तो वे आगामी दिनों में सड़कों पर आवाज उठाने के लिये बाध्य होंगे।









