ads 90x728

गणतंत्र दिवस 2026: छत्तीसगढ़ की जनजातीय वीर गाथा कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित होगी


(कोरबा | CG ई खबर जिला संवाददाता: नारायण चंद्राकर)

नई दिल्ली/रायपुर। गणतंत्र दिवस 2026 के राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी को रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति से आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। यह झांकी 26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित की जाएगी।

चार महीने तक चली कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद देश के 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ की झांकी को भी स्थान मिला है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

जनजातीय वीरता पर आधारित झांकी

छत्तीसगढ़ की झांकी की थीम राज्य के जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय पर आधारित है। इस संग्रहालय का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर स्थित अटल नगर में किया था।

झांकी का उद्देश्य आदिवासी समाज की देशभक्ति, वीरता, संघर्ष और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना है, ताकि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और नायकों से प्रेरणा मिल सके।

भारत सरकार की थीम से जुड़ाव

भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस 2026 के लिए निर्धारित थीम “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” के अनुरूप छत्तीसगढ़ की झांकी को तैयार किया गया है। इसमें जनजातीय विद्रोहों, एकजुटता और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष को सशक्त और जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झांकी के चयन पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और उत्साह का क्षण है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनजातीय संस्कृति और वीर गाथाएं पूरे देश के सामने प्रस्तुत होंगी।

जनसंपर्क अधिकारियों के अनुसार, झांकी की थीम और डिजाइन को पाँच चरणों की कठिन और तकनीकी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अंतिम स्वीकृति मिली है।

गणतंत्र दिवस 2026 पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की यह झांकी जनजातीय समाज की अदम्य साहस गाथा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads

ads