(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा/पाली ग्राम पंचायतों के विकास के नाम पर शासन की करोड़ों की योजनाएं कागजों में तो चमक रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पाली जनपद की ग्राम पंचायत मादन में करीब 20 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी रोड में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप सामने आया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में स्वीकृत स्टीमेट और तकनीकी मानकों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। सीमेंट, गिट्टी और रेत का अनुपात नियमों के विपरीत रखा गया है। रोजगार गारंटी की भावना को ताक पर रखते हुए मजदूरों से काम कराने के बजाय मिलर मशीन से निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
निर्माण प्रक्रिया में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। सड़क के नीचे पालीथिन शीट डालने के बजाय रेत की मोटी परत बिछाई गई है, जबकि कंक्रीट को मजबूत करने के लिए जरूरी वाइब्रेटर का उपयोग भी नहीं किया जा रहा। सड़क की मोटाई भी संदेह के घेरे में है—किनारों पर जहां 8 इंच मोटाई दिखाई जा रही है, वहीं बीच का हिस्सा मात्र 3 से 4 इंच ही बताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, सड़क निर्माण के साथ ही पाइपलाइन डालने के नाम पर कोर कटिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे नई बनी सड़क को तोड़ने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले से योजना बनाई जाती, तो इस तरह की लापरवाही से बचा जा सकता था।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच और सचिव ने मोटी कमीशन लेकर कार्य एक अघोषित ठेकेदार को सौंप दिया, जबकि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मौके पर निरीक्षण तक नहीं कर रहे हैं। इससे पहले भी लगभग 10 वर्ष पूर्व इसी सड़क पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन घटिया निर्माण के चलते वह सड़क कुछ ही समय में पूरी तरह जर्जर हो गई थी।
जब ग्रामीणों ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत करने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

