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जेल में कवासी लखमा से मिले भूपेश बघेल, 1 साल बाद छलका दर्द पूर्व CM ने बताया क्यों बेगुनाह हैं ‘बस्तर के टाइगर’


(CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर)

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाला मामले में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे और वरिष्ठ नेता महेश्वर पैकरा भी मौजूद रहे। करीब एक साल बाद हुई इस मुलाकात में कवासी लखमा का दर्द छलक पड़ा, वहीं भूपेश बघेल ने उन्हें “बस्तर का टाइगर” बताते हुए बेगुनाह करार दिया।

रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 जनवरी को रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने बंदी कवासी लखमा से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच मौजूदा राजनीतिक हालात और कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई। भूपेश बघेल ने कहा कि कवासी लखमा को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है और वे लंबे समय से अन्याय का शिकार हैं।

मुलाकात पर BJP का हमला

कवासी लखमा और भूपेश बघेल की जेल मुलाकात को लेकर BJP ने तीखा हमला बोला है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि

“कवासी लखमा को भूपेश बघेल ने ही फंसाया है। निर्दोष आदिवासी के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे पूरे प्रदेश ने देखा है।”

भूपेश बघेल का पलटवार

डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा—

“बीजेपी नेताओं के मुंह से गलती से सच निकल गया है। जब वे खुद कवासी लखमा को निर्दोष मान रहे हैं, तो फिर उनके मंत्री रहते हुए EOW कार्रवाई क्यों कर रही है? FIR क्यों दर्ज है?
कुछ लोग कहते हैं कि मैंने अपने बेटे को छुड़ा लिया। वह कोर्ट से छूटा है। अगर मेरा बस चलता तो जेल ही क्यों जाता? कोर्ट ने EOW को फटकार भी लगाई है। बीजेपी घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे और ED को जवाब दाखिल करने का निर्देश दे।”

15 जनवरी 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रही है, जबकि बीजेपी जांच एजेंसियों की कार्रवाई को कानूनसम्मत करार दे रही है।

इस मुलाकात के बाद एक बार फिर शराब घोटाला मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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