(कोरबा | CG ई खबर : दर्री ब्लॉक रिपोर्टर: सरस्वती मरकाम)
छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से ठंड में हल्की नरमी जरूर देखने को मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 15 जनवरी के बाद प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर तेज हो सकता है। अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मकर संक्रांति के बाद भी ठंड का असर बरकरार
आज 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। आमतौर पर उत्तरायण के बाद ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरायण के बावजूद ठंड में कमी नहीं, बल्कि बढ़ोतरी के आसार हैं।
बीते कुछ दिनों में पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हल्की नरमी जरूर आई थी, लेकिन इसे अस्थायी राहत माना जा रहा है।
राजधानी रायपुर में बढ़ा न्यूनतम तापमान
राजधानी रायपुर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जनवरी महीने का अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। इससे सुबह और रात के समय लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत भी ज्यादा दिनों तक बनी रहने वाली नहीं मानी जा रही।
अंबिकापुर बना प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका
मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा संभाग का अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है।
वहीं न्यायधानी बिलासपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि रात के समय ठंड का असर अब भी बना हुआ है।
अलर्ट: ठंड से बचाव जरूरी
मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 15 जनवरी के बाद ठंड बढ़ने की संभावना को देखते हुए गर्म कपड़ों का उपयोग और रात के समय सतर्कता जरूरी बताई गई है।









