(CG ई खबर |कोरबा जिला संवाददाता: नारायण चंद्राकर)
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान इस बार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी प्रक्रिया प्रदेशभर में तेज़ी से जारी है। खरीदी केंद्रों पर किसानों की भारी आवक देखने को मिल रही है और सरकार द्वारा भुगतान की प्रक्रिया भी लगातार सुचारु रूप से की जा रही है।
अब तक प्रदेश के 16.95 लाख किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। यह पूरी खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत की जा रही है। सरकार ने किसानों को अब तक 20,753 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान कर दिया है। खास बात यह है कि यह भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।
महासमुंद रहा सबसे आगे
8 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, महासमुंद जिला धान खरीदी में प्रदेश में सबसे आगे रहा है। यहां 6 लाख 33 हजार 291 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है। इसके बाद अन्य प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है—
- बेमेतरा – 5 लाख 33 हजार 482 क्विंटल
- बलौदाबाजार-भाठापारा – 5 लाख 15 हजार 071 क्विंटल
- बालोद – 4 लाख 99 हजार 074 क्विंटल
- रायपुर – 4 लाख 66 हजार 249 क्विंटल
- धमतरी – 4 लाख 43 हजार 308 क्विंटल
- राजनांदगांव – 4 लाख 42 हजार 473 क्विंटल
- बिलासपुर – 4 लाख 21 हजार 142 क्विंटल
- जांजगीर-चांपा – 4 लाख 18 हजार 429 क्विंटल
- कवर्धा – 4 लाख 12 हजार 003 क्विंटल
- दुर्ग – 3 लाख 60 हजार 605 क्विंटल
- गरियाबंद – 3 लाख 60 हजार 612 क्विंटल
- मुंगेली – 3 लाख 58 हजार 072 क्विंटल
- रायगढ़ – 3 लाख 42 हजार 528 क्विंटल
- कांकेर – 3 लाख 25 हजार 960 क्विंटल
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ – 3 लाख 14 हजार 758 क्विंटल
बस्तर अंचल में भी बढ़ी रफ्तार
आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में भी धान खरीदी में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- बस्तर – 1 लाख 79 हजार 964 क्विंटल
- कोंडागांव – 1 लाख 97 हजार 106 क्विंटल
- बीजापुर – 59 हजार 583 क्विंटल
- सुकमा – 47 हजार 617 क्विंटल
- नारायणपुर – 24 हजार 022 क्विंटल
- दंतेवाड़ा – 10 हजार 238 क्विंटल
इसके अलावा गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही में 87 हजार 870 क्विंटल, कोरबा में 1 लाख 56 हजार 983 क्विंटल और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में 2 लाख 77 हजार 071 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है।
किसानों में खुशी, सरकार की सराहना
तेज़ खरीदी, समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के चलते प्रदेश के किसान बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस वर्ष की धान खरीदी न केवल मात्रा के लिहाज से ऐतिहासिक है, बल्कि किसान हितैषी नीतियों के कारण यह छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।









