धान नहीं बिकने से टूटे आदिवासी किसान, युकां का चौंकाने वाला विरोध प्रदर्शन

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(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता: पिंकी महंत)

कोरबा, छत्तीसगढ़। जिले में आदिवासी किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर युवा कांग्रेस (युकां) ने मंगलवार को कलेक्टोरेट गेट के सामने एक उग्र और भावनात्मक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हरदीबाजार क्षेत्र के दो आदिवासी किसानों द्वारा धान नहीं बिकने से परेशान होकर जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास करने की घटना के विरोध में किया गया।

24 घंटे में दो आत्महत्या के प्रयास, प्रशासन पर सवाल

जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को हरदीबाजार क्षेत्र के आदिवासी किसान समर सिंह गौड़ और वैशाखू मरकाम ने आर्थिक तंगी और धान की खरीदी नहीं होने से हताश होकर जहर पी लिया। दोनों घटनाएं 24 घंटे के भीतर सामने आईं, जिससे पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बन गया।

कफन ओढ़कर और चिता का प्रतीक बनाकर प्रदर्शन

युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट गेट के सामने सफेद कफन ओढ़कर विरोध जताया। कुछ कार्यकर्ता जमीन पर लेटकर सांकेतिक रूप से चिता का रूप लेते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कफन के कपड़े में आग लगा दी और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत आग बुझाई और हालात को नियंत्रित किया।

कृषि मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कृषि मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही धान खरीदी में आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और किसानों को राहत देने की मांग भी उठाई गई।

युकां नेताओं का बयान

इस मामले में स्थानीय युवा कांग्रेस नेता ननकी राम ने कहा कि यह केवल दो किसानों का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों का दर्द है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और किसानों के हित में ठोस कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पुलिस रही मुस्तैद

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। किसी अप्रिय घटना से पहले ही आग बुझाकर प्रदर्शन को शांत कराया गया।

यह घटना एक बार फिर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था और किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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