ads 90x728

कोरबा के 35 साल पुराने कौशिल स्कूल में विवाद, टीचरों ने तोड़फोड़ का लगाया आरोप


स्कूल की जमीन पर मालिकाना हक का दावा

(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर : सरस्वती)

कोरबा। कोरबा जिले के तुलसीनगर क्षेत्र में संचालित 35 साल पुराने कौशिल स्कूल को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों का आरोप है कि कुछ लोगों ने स्कूल परिसर में जबरन प्रवेश कर स्टाफ के साथ अभद्रता की और स्कूल के मुख्य गेट में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। इस घटना को स्कूल की जमीन पर कब्जे की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन से की है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल दशकों से सुचारू रूप से संचालित हो रहा है, लेकिन अब अचानक कुछ लोग खुद को जमीन का नया मालिक बताकर स्कूल खाली करने का दबाव बना रहे हैं।


तहसीलदार और कथित जमीन मालिक पहुंचे स्कूल

एक शिक्षिका ने बताया कि हाल ही में तहसीलदार और खुद को जमीन मालिक बताने वाला व्यक्ति एक साथ स्कूल पहुंचे। प्रिंसिपल से बातचीत के बाद बच्चों की छुट्टी कर दी गई। छुट्टी होते ही कथित रूप से बाहर मौजूद लोगों ने स्कूल के गेट में तोड़फोड़ शुरू कर दी और जमीन को सौरभ अग्रवाल की बताते हुए स्कूल खाली करने की बात कही गई।



छात्रों के भविष्य को लेकर शिक्षकों में चिंता

स्कूल की एक अन्य शिक्षिका, जो स्वयं इसी स्कूल की पूर्व छात्रा भी रह चुकी हैं, ने बताया कि

“इतने वर्षों से स्कूल चल रहा है, बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रही है, लेकिन अब अचानक मालिकाना हक का दावा कर स्कूल को परेशान किया जा रहा है। यहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं, उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।”


प्राचार्य और शिक्षक को जबरन ले जाने का आरोप

शिक्षिकाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्राचार्य और एक शिक्षक को पुलिस जबरदस्ती उठाकर ले गई, जिससे स्कूल में भय का माहौल बन गया। इस घटना के बाद शिक्षक, छात्र और अभिभावक बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने गए।


डीईओ ने दिया जांच का आश्वासन

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) टी.पी. उपाध्याय ने कहा कि,

“मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर तथ्यों की जानकारी ली जाएगी। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।”

फिलहाल, कौशिल स्कूल में चल रहे इस विवाद ने शिक्षा व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और जमीन विवाद जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Ads

ads