(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा। ग्राम भाठापारा कुकरीचोली में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या के सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। मामले में मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने की दोषी पाई गई आरोपिया महिला को न्यायालय ने 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार, 12 मई 2024 की रात्रि लगभग 8:30 बजे सूचक श्रीराम रजक ने थाना उरगा में सूचना दी थी कि उसकी भतीजी जयशिका रजक एवं बहू सुजाता रजक कमरे में सोई हुई थीं, लेकिन काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी नहीं खुला। संदेह होने पर जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर जयराम रजक खून से लथपथ पड़ा मिला, जबकि उसकी पत्नी सुजाता और पुत्री जयशिका अचेत अवस्था में थीं। बाद में तीनों की मृत्यु की पुष्टि हुई।
सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक जयराम रजक, आरोपिया संतोषी जगत के मकान का निर्माण कार्य कर रहा था। निर्माण कार्य की बकाया राशि 1 लाख 88 हजार 100 रुपये लंबे समय से नहीं मिलने के कारण वह मानसिक रूप से अत्यधिक परेशान था।
विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि इसी आर्थिक तनाव के चलते जयराम रजक ने पहले अपनी पत्नी सुजाता रजक और पुत्री जयशिका रजक की हत्या की, तत्पश्चात स्वयं आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से पूर्व लेबर पेमेंट रजिस्टर में सुसाइड नोट के रूप में अपनी परेशानी और कारणों का उल्लेख किया था।
अपराध की गंभीरता, दंड में उदारता नहीं
मामले में उभयपक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुनने के पश्चात् सत्र न्यायाधीश एस. शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि मृतक द्वारा आत्महत्या करने के साथ-साथ अपनी पत्नी एवं मासूम पुत्री की हत्या कर देना अपराध की घनघोर गंभीरता को दर्शाता है। ऐसे मामलों में दंड निर्धारण में उदारता बरतना न्याय के उद्देश्य के विपरीत होगा।
शासन की ओर से लोक अभियोजक राजेन्द्र साहू ने कठोर दंड की मांग की थी। न्यायालय ने विचारोपरांत आरोपिया संतोषी जगत को धारा 306 भा.द.वि. के तहत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

