कोरबा | CG ई खबर|कोरबा जिला संवाददाता : नारायण चंद्राकर
छत्तीसगढ़ की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था पर एक बार फिर
गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन के नाम पर प्रदेशभर में करीब 646 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में अंबिकापुर में 43 करोड़ और बरमकेला में 9 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है। आरोप है कि सहकारी समितियों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया।
आंकड़ों से खुली गड़बड़ी की परतें
यह Chhattisgarh KCC Scam तब सामने आया, जब अपेक्स बैंक के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखा गया।
- वर्ष 2024-25 में 15.22 लाख किसानों को 7,908 करोड़ रुपये का KCC लोन दिया गया।
- वर्ष 2025-26 में किसानों की संख्या बढ़कर 15.56 लाख हो गई, लेकिन लोन राशि घटकर 7,262 करोड़ रुपये रह गई।
यानी किसानों की संख्या बढ़ी, पर कुल लोन राशि 646 करोड़ रुपये कम हो गई। इसी विसंगति और किसानों की लगातार शिकायतों ने पूरे घोटाले की पोल खोल दी।
कैसे दिया गया घोटाले को अंजाम
जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के लिए उन किसानों को निशाना बनाया गया,
- जिन्होंने कभी KCC लोन नहीं लिया,
- जो अनपढ़ थे या
- जिनके मोबाइल नंबर बदल चुके थे।
समितियों ने किसानों की ऋण पुस्तिका और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी लोन आवेदन तैयार किए। लोन स्वीकृत होने के बाद राशि पहले समिति के खाते में, फिर KCC खाते और वहां से बचत खाते में ट्रांसफर की गई। इसके बाद फर्जी बाउचर बनाकर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से रकम डीसीएमआर खाते से नकद निकाल ली गई।
क्यों किया गया इतना बड़ा खेल
इस घोटाले के पीछे चुनावी राजनीति को बड़ी वजह माना जा रहा है। KCC लोन को अक्सर चुनाव के समय माफी का वादा किया जाता है। वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार द्वारा लोन माफी किए जाने के बाद यह धारणा बन गई कि भविष्य में भी कर्ज माफ हो सकता है। इसी सोच का फायदा उठाकर कुछ समितियों और अधिकारियों ने किसानों के नाम पर फर्जी लोन दिखाकर राशि हड़प ली।
जांच के घेरे में अधिकारी, बढ़ेगी कार्रवाई
राज्य स्तर पर मामले की जांच तेज कर दी गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और सहकारिता विभाग की टीमें दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। संकेत हैं कि आने वाले दिनों में और जिलों से भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। दोषी पाए जाने वाले समिति प्रबंधकों, बैंक अधिकारियों और बिचौलियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है









