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(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस आरक्षक के साथ उपद्रवियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। भीड़ ने न केवल महिला आरक्षक के साथ मारपीट की, बल्कि उनके कपड़े फाड़कर उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जान बचाने के लिए की गई गुहार को भी हमलावरों ने अनसुना कर दिया।
वीडियो में कैद हुई अमानवीयता
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक समूह महिला आरक्षक को घेरकर लाठियों और हाथों से बेरहमी से पीट रहा है। पीड़िता हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगती रही, लेकिन उपद्रवियों का दिल नहीं पसीजा। काफी देर तक प्रताड़ना झेलने के बाद महिला आरक्षक किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रही।
तीन दिन बाद सामने आया मामला
यह शर्मनाक घटना 27 दिसंबर की बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद तीन दिन बाद मामला सार्वजनिक हुआ। पीड़िता तमनार थाना क्षेत्र में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 115(1), 132, 221, 296, 309, 351 तथा आईटी/एलसीजी एक्ट की धारा 67-ए के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
घटना के बाद से पुलिस अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। मीडिया के सवालों से अधिकारी बचते नजर आए, वहीं रायगढ़ पुलिस अधीक्षक ने भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है। इससे स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
राजनीति भी हुई गरम
इस गंभीर मामले ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,
“जब महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है?”
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी घटना को शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश में आक्रोश
महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई इस बर्बरता को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
