(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता : पिंकी महंत)
कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी को पुलिस द्वारा कथित तौर पर रिहा किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि आरोपी को 10 हजार रुपये नकद और एक बकरे के बदले छोड़ दिया गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित परिवार के अनुसार, नाबालिग लड़की के अपहरण की शिकायत पसान थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, लेकिन कुछ ही समय बाद उसे छोड़ दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यह रिहाई किसी कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि लेन-देन के आधार पर की गई।
मामले को और भी गंभीर बनाते हुए परिजनों ने बताया कि जब नाबालिग लड़की किसी तरह घर वापस पहुँची, तो कुछ समय बाद वह फिर से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। इससे परिवार में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
इस घटना ने न केवल नाबालिगों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और निष्पक्षता पर भी गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्टर कार्यालय और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग भी की जा रही है।
यह मामला बाल सुरक्षा कानूनों, पुलिस प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न करता है।
नोट: यह खबर पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर आधारित है। इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बयान प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

