धान खरीदी में लापरवाही पर कड़ा एक्शन सक्ती जिले में दो पटवारी निलंबित, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

CG.ई ख़बर



रायपुर / सक्ती (CG ई खबर) : जिले में धान उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों को कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये है निलंबन की वजह

धान उपार्जन केंद्र भोथिया में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार को सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। इसके अलावा टोकन सत्यापन संबंधी समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है।

शासन निर्देशों की अवहेलना पड़ी भारी

इसी तरह मालखरौदा क्षेत्र के समिति सकर्रा एवं सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया को भी निलंबित किया गया है। उन पर शासन के निर्देशों की अवहेलना, भौतिक सत्यापन में लापरवाही तथा धान खरीदी से जुड़े टोकन सत्यापन कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप पाए गए हैं।


धान खरीदी के लिए सिर्फ 16 दिन शेष

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार 31 जनवरी 2026 को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद कर दी जाएगी। किसानों को 31 जनवरी तक के लिए टोकन जारी किए जा चुके हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऑफलाइन टोकन और लिमिट बढ़ाने की मांग उठ रही है।

कांकेर जिला प्रशासन का अहम आदेश

इस बीच कांकेर जिला प्रशासन ने किसानों की सुविधा को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार 30 और 31 जनवरी को शनिवार एवं रविवार होने के कारण इन तिथियों के लिए जारी टोकन को 29 जनवरी में शिफ्ट कर दिया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी ने अपील की है कि जिन किसानों को 30 एवं 31 जनवरी का टोकन जारी हुआ है, वे 29 जनवरी को ही अपने संबंधित खरीदी केंद्रों में धान विक्रय सुनिश्चित करें।


अब तक 95 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी

राज्य में अब तक 95 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है, जबकि शासन ने इस वर्ष 165 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है। बड़ी संख्या में किसानों का धान अभी भी बिक्री के इंतजार में है। लक्ष्य को देखते हुए यह चर्चा भी तेज है कि धान खरीदी की समय-सीमा आगे बढ़ाई जा सकती है।


धान बेचकर खुश हैं किसान

वहीं धमतरी जिले के ग्राम परखंदा के प्रगतिशील किसान साहिल साहू ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना, आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग से खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। साहिल साहू ने इस खरीफ सीजन में अपने 11 एकड़ खेत में उत्पादित धान को गाड़ाडीह उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर बेचते हुए कुल 231 क्विंटल धान का सफल उपार्जन किया।

पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

किसान साहिल साहू का कहना है कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही। समयबद्ध तौल, व्यवस्थित लाइन व्यवस्था, कर्मचारियों का सहयोग और त्वरित प्रक्रिया से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि उन्नत बीजों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कृषि विभाग से मिले मार्गदर्शन के चलते उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है, जिससे बाजार में उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है।

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