कानपुर (CG ई खबर) : शिवली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) प्रवीन सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऑन ड्यूटी पुलिस वर्दी में अकबरपुर से सांसद देवेंद्र सिंह भोले के पैर छूते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना रंजीतपुर, शिवली क्षेत्र स्थित एक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां सांसद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कोतवाल प्रवीन सिंह पूरी पुलिस वर्दी में सांसद के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद ले रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस वर्दी के अनुशासन, निष्पक्षता और गरिमा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Police Inspector Viral Video: वर्दी के नियम और अनुशासन पर सवाल
पुलिस रेगुलेशन के अनुसार, वर्दी में रहते हुए किसी भी व्यक्ति—विशेषकर राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति—के प्रति नतमस्तक होना नियमों के विरुद्ध माना जाता है। नियमों में स्पष्ट है कि वर्दीधारी अधिकारी केवल संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों अथवा वरिष्ठ अधिकारियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत सलामी दे सकता है।
कानून विशेषज्ञों और पूर्व पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह का व्यवहार पुलिस की पेशेवर गरिमा और निष्पक्ष छवि को प्रभावित करता है। वर्दी में अधिकारी का हर सार्वजनिक आचरण विभाग की साख से जुड़ा होता है।
Inspector Viral Video: सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे वर्दी के अनुशासन का उल्लंघन और पुलिस पर राजनीतिक प्रभाव दिखाने वाला कृत्य बताया है। वहीं कुछ लोग इसे सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा के तहत सम्मान प्रकट करने की मजबूरी भी बता रहे हैं।
हालांकि, आलोचकों का कहना है कि निजी सम्मान और सरकारी पद की मर्यादा के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए, खासकर जब अधिकारी ड्यूटी पर और वर्दी में हो।
Kanpur Viral Video: कहां की बताई जा रही है घटना
जानकारी के अनुसार, यह घटना रंजीतपुर स्थित एक विद्यालय में हुई, जहां सांसद देवेंद्र सिंह भोले किसी विशेष कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान कोतवाल द्वारा पैर छूने का यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर व्यापक बहस और आलोचना का विषय बना हुआ है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना अहम होगा कि विभाग इस वायरल वीडियो को लेकर कोई जांच या कार्रवाई करता है या नहीं।











