(CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)
कोरबा। पहले ग्रामीण के साथ मारपीट और फिर पुलिस चौकी में रिपोर्ट लिखाने के दौरान पीड़ित ग्रामीण के फुफेरे भाई आरक्षक से चौकी के भीतर ही हाथापाई करने वाले रामपुर विधानसभा के कांग्रेस विधायक फूल सिंह राठिया के प्रतिनिधि जयकिशन पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया है।
मामला रजगामार चौकी का है, जहां 31 दिसंबर 2025 की रात जयकिशन पटेल द्वारा चौकी स्टाफ के सामने ही आरक्षक क्रमांक 528 विकास कोसले (थाना करतला में पदस्थ) के साथ मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप है।
ग्रामीण से शुरू हुआ विवाद, चौकी तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार, इससे पहले जयकिशन पटेल ने ओमपुर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच के पीछे राजेन्द्र जांगड़े (आरक्षक विकास कोसले के मामा का लड़का) के साथ मारपीट की थी। आरोप है कि इस दौरान जातिगत अपमान, शराब के नशे में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घटना के बाद राजेन्द्र जांगड़े को साथ लेकर आरक्षक विकास कोसले जब चौकी रजगामार पहुंचे और रिपोर्ट लिखने के लिए आवेदन दे रहे थे, उसी समय जयकिशन पटेल वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने चौकी के भीतर ही कहा—
“तुम लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे”
और रात्रि गश्त अधिकारी व चौकी हाजरी की मौजूदगी में हाथ-झापड़ से मारपीट की।
दो FIR और एट्रोसिटी एक्ट में मामला दर्ज
आरक्षक विकास कोसले की रिपोर्ट पर जयकिशन पटेल के खिलाफ धारा 115(2), 296, 351(3) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया।
वहीं राजेन्द्र जांगड़े की रिपोर्ट पर आरोपी के विरुद्ध धारा 115(2), 296, 351(3) BNS के साथ-साथ अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) के तहत भी मामला पंजीबद्ध किया गया।
आज़ाक पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए आज़ाक (SC/ST) पुलिस ने जयकिशन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है।
काउंटर केस भी दर्ज
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में विधायक प्रतिनिधि जयकिशन पटेल ने भी काउंटर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उसकी शिकायत पर आरक्षक विकास कोसले और राजेन्द्र जांगड़े के खिलाफ धारा 115(2), 3(5), 351(3) BNS के तहत मारपीट और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया गया है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साक्ष्य, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

