मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें लव जिहाद, जबरन धर्म परिवर्तन, तीन तलाक और कथित हलाला प्रयास के आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला विदिशा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि सलीम खान नामक मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छुपाकर पहले एक हिंदू युवती से दोस्ती की, फिर प्रेम संबंध बनाकर उससे शादी कर ली। शादी के बाद युवती का धर्म परिवर्तन कराया गया। दंपती के एक बच्चा होने के बावजूद, युवती के अनुसार उसे लगातार शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
पीड़िता का आरोप है कि बाद में आरोपी युवक ने उसे तीन तलाक दे दिया। इसके बाद एक काज़ी द्वारा कथित तौर पर हलाला कराने का प्रयास भी किया गया, जिससे युवती और अधिक भयभीत हो गई।
23 जनवरी को दर्ज हुई शिकायत, FIR 0057/2026
पीड़िता ने 23 जनवरी 2026 की रात लगभग 11 बजे पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसने बताया कि यह घटनाएं 15 अगस्त 2025 से 26 दिसंबर 2025 के बीच की हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 85, 351(3) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर क्रमांक 0057/2026 दर्ज की है।
मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर मुकेश ठाकुर को सौंपी गई है।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के बयान, दस्तावेज़, कॉल डिटेल, चैट, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पीड़िता को निष्पक्ष जांच और न्याय का भरोसा दिलाया है।
हलाला क्या होता है? (halal kya hota hai)
हलाला इस्लामी क़ानून (शरीयत) से जुड़ा एक विवादित विषय है।
यदि किसी मुस्लिम महिला को उसका पति तीन तलाक दे देता है, तो वह महिला उसी पति से दोबारा निकाह तभी कर सकती है जब—
- वह किसी दूसरे पुरुष से निकाह करे,
- उस निकाह का विवाहिक संबंध स्थापित हो,
- फिर दूसरा पति उसे तलाक दे या उसकी मृत्यु हो जाए,
- इसके बाद महिला पहले पति से दोबारा निकाह कर सकती है।
महत्वपूर्ण बात:
- जबरन या योजनाबद्ध हलाला कराना गैरकानूनी और अमानवीय माना जाता है।
- भारत में तीन तलाक पहले ही कानूनन अपराध घोषित किया जा चुका है।
- किसी महिला पर हलाला के लिए दबाव बनाना महिला अधिकारों और कानून का गंभीर उल्लंघन है।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और मानवाधिकार से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
(यह समाचार पुलिस रिकॉर्ड व शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है। जांच के निष्कर्ष के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।)











