DMF धांधली की जांच, कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों ग्रामीण व जनप्रतिनिधि, जांच समिति के समक्ष खोली अनियमितताओं की पोल

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(CG ई खबर | दर्री ब्लॉक रिपोर्टर: सरस्वती मरकाम)

छत्तीसगढ़ | कोरबा। जिला खनिज न्यास मद (DMF) में नियमों के विपरीत राशि आवंटन और कथित दुरुपयोग की जांच करने पहुंची तीन सदस्यीय जांच समिति के समक्ष सोमवार को शिकायतों का अंबार लग गया। बिलासपुर हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद गठित समिति ने कोरबा कलेक्ट्रेट में याचिकाकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सुनवाई के दौरान DMF फंड के कथित बंदरबांट और प्रभावित क्षेत्रों की उपेक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए।

विस्तृत जनभागीदारी, समिति के सामने रखे तथ्य

सुनवाई में मुख्य याचिकाकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए। याचिकाकर्ता लक्ष्मी चौहान, सपुरन कुलदीप और अजय श्रीवास्तव ने समिति को बताया कि किस तरह DMF की राशि वास्तविक प्रभावितों तक नहीं पहुंच रही और नियमों को ताक पर रखकर आवंटन किया गया।

शिकायत दर्ज कराने वालों में प्रमुख

जनप्रतिनिधि:

  • बसंत कुमार कंवर (जनपद सदस्य, कटघोरा)
  • अनिल टंडन (जनपद सदस्य, पाली)

ग्राम सरपंच:

  • गौरी बाई (बेलटिकरी)
  • विष्णु बिंझवार (रलिया)
  • लोकेश कंवर (हरदीबाजार)

समिति/ग्रामीण प्रतिनिधि:

  • अनुसुइया राठौर (भू-विस्थापित कामगार सहकारी समिति)
  • रुद्र दास महंत (नराई बोध)
  • सतीश कुमार (भैरोताल)
  • देवेंद्र कुमार (पुनर्वास ग्राम गंगानगर)

इसके अलावा दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों ने भी उपस्थित होकर DMF फंड के कथित दुरुपयोग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रभावित गांवों की अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों ने समिति को बताया कि कोयला खदान क्षेत्रों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित 43 गांवों की हालत बदहाल है। खास तौर पर उन 13 गांवों का मुद्दा उठाया गया जिन्हें करीब 7 वर्ष पहले ‘आदर्श गांव’ घोषित किया गया था, लेकिन आज तक सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आते।

दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे

शिकायतकर्ताओं ने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज, प्रस्तावों की प्रतियां और फील्ड की तस्वीरें भी समिति को सौंपीं। उनका कहना है कि DMF का उद्देश्य प्रभावितों का जीवनस्तर सुधारना है, लेकिन फंड का उपयोग गैर-प्राथमिक कार्यों में किया गया।

समिति ने दिया आश्वासन

जांच समिति ने सभी पक्षों की बातें सुनने के बाद निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और कहा कि प्रस्तुत बयानों व साक्ष्यों का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और DMF की राशि वास्तव में प्रभावित गांवों के विकास पर खर्च होगी।

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