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धान खरीदी पर सियासत तेज, कांग्रेस के आरोपों पर डिप्टी CM अरुण साव का पलटवार


(CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता: नारायण चंद्राकर)

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। एक ओर सरकार रिकॉर्ड धान खरीदी का दावा कर रही है, तो वहीं विपक्ष किसानों की अनदेखी का आरोप लगाकर सरकार को घेर रहा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा धान खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग और सरकार पर लगाए गए आरोपों पर डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ा पलटवार किया है। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में धान खरीदी को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में किसानों से नियमित रूप से धान खरीदी की जा रही है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहले ही किसानों से धैर्य रखने की अपील कर चुके हैं और यह भरोसा दिलाया गया है कि किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा। अरुण साव ने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितैषी है और जिन लोगों ने अपने शासनकाल में किसानों को ठगा, उन्हें इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ का दावा करने वाली भाजपा सरकार किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम और सम्मान देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं।

महंत ने कोरबा और बागबाहरा जैसे क्षेत्रों का हवाला देते हुए किसानों के आत्महत्या के लिए मजबूर होने का आरोप लगाया और शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी के वादे जमीनी स्तर पर पूरे नहीं हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने टोकन व्यवस्था, ‘टोकन तुंहर हाथ’ ऐप और बायोमेट्रिक सर्वर में आ रही तकनीकी खामियों को किसानों की परेशानी का बड़ा कारण बताया। उनका कहना है कि इन समस्याओं के चलते किसान हताश और निराश हैं।

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