रायपुर। भारत माला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो/इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ACB/EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो राजस्व अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर शशिकांत कुर्रे और तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं।
ACB/EOW ने गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां जांच एजेंसी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। अदालत ने एजेंसी की मांग को स्वीकार करते हुए दोनों अधिकारियों को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब दोनों आरोपी 20 फरवरी तक ACB/EOW की हिरासत में रहेंगे।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में अनियमितताओं का आरोप
बताया जा रहा है कि भारत माला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के दौरान दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद ACB/EOW ने यह कार्रवाई की है।
गहन पूछताछ और दस्तावेजों की जांच
रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसी दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। साथ ही भूमि अधिग्रहण से जुड़े दस्तावेजों, मुआवजा फाइलों और अन्य अहम साक्ष्यों का मिलान किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे घोटाले की परतें खुलने की संभावना है।
ACB/EOW की इस कार्रवाई से भारत माला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।











