इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित भोजशाला मंदिर विवाद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दूसरे दिन भी जोरदार बहस जारी रही। कोर्ट में सबसे पहले हिंदू पक्ष की दलीलें सुनी गईं, जहां अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ऐतिहासिक दस्तावेज और कानूनी संदर्भों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखा।
हिंदू पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान “Once a temple, always a temple” (एक बार मंदिर रहा स्थल हमेशा मंदिर ही माना जाएगा) का बड़ा तर्क पेश किया गया। इस दावे के समर्थन में से जुड़े फैसलों और ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला दिया गया।
मुस्लिम पक्ष का दावा
वहीं मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला को वक्फ संपत्ति बताते हुए अपना दावा पेश किया। इस पर जवाब देते हुए विष्णु शंकर जैन ने 2025 के वक्फ कानून का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि किन परिस्थितियों में कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड के दायरे में आती है।
इतिहास और सबूतों पर जोर
हिंदू पक्ष ने यह भी कहा कि पुराने ऐतिहासिक ग्रंथों में भोजशाला को राजा भोज के समय की संस्कृत पाठशाला बताया गया है। इसके साथ ही में संरक्षित मां सरस्वती की मूर्ति को भी अहम प्रमाण के तौर पर पेश किया गया, जिसे इस स्थल के मंदिर होने से जोड़ा जा रहा है।
अगली सुनवाई कब?
कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस जारी है और कई कानूनी व ऐतिहासिक पहलुओं पर चर्चा हो रही है। जैन बंधुओं की याचिका पर भी क्रमवार सुनवाई होगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक तय की गई है।
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