(CG ई खबर | प्रमुख संपादक ओम प्रकाश पटेल)
छत्तीसगढ़/कोरबा : के कोरबा जिले अंतर्गत SECL कुसमुंडा क्षेत्र में हो रही लगातार हैवी ब्लास्टिंग से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय और नाराज़गी का माहौल बनता जा रहा है। खासकर गेवरा बस्ती क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि तेज धमाकों के कारण उनके मकानों में दरारें आनी शुरू हो गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ब्लास्टिंग के दौरान इतनी तीव्र कंपन होती है कि ऐसा महसूस होता है मानो भूकंप आ गया हो। कई घरों की दीवारों और छतों में दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो भविष्य में घरों के गिरने की आशंका भी बढ़ सकती है।
इसी के साथ क्षेत्र में पानी की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। लोगों का आरोप है कि खनन गतिविधियों के कारण जलस्तर प्रभावित हुआ है, जिससे पीने के पानी की किल्लत बढ़ गई है। इसके बावजूद SECL प्रबंधन द्वारा इन समस्याओं को नजरअंदाज कर कार्य जारी रखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे को प्राथमिकता से उठाएं और शासन-प्रशासन के साथ-साथ SECL प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखें। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और स्थायी समाधान उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
फिलहाल, क्षेत्रवासी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं, ताकि संभावित बड़े हादसे को टाला जा सके।

