कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत भिलाई बाजार के ग्रामीणों ने SECL गेवरा परियोजना द्वारा की जा रही हैवी ब्लास्टिंग को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए जनहानि की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भिलाई बाजार गांव SECL की गेवरा परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र है। परियोजना के रहवासी इलाके के बेहद करीब होने के कारण प्रतिदिन होने वाली भारी ब्लास्टिंग से लोगों के जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। ब्लास्टिंग के कंपन से गांव के कई मकानों की दीवारों, छतों और सिलिंग में दरारें पड़ गई हैं। कई घरों की हालत जर्जर हो चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में ब्लास्टिंग के प्रभाव से कई अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं और ग्रामीण घायल भी हुए हैं। आरोप है कि हर बार SECL गेवरा प्रबंधन यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है कि ब्लास्टिंग निर्धारित सीमा के भीतर की जा रही है।
ग्रामीणों ने हाल ही में हुई एक घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सिलिंग अचानक गिर गई। घटना लंच समय के दौरान हुई, जिससे डॉक्टर और कर्मचारी बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उस समय मरीज या कर्मचारी मौजूद रहते तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना को ग्रामीणों ने ब्लास्टिंग के गंभीर प्रभाव का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है।
ग्रामीणों के अनुसार पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि SECL प्रबंधन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जबकि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।



