कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में अंधविश्वास और पाखंड का बड़ा खेल उजागर हुआ है। खुद को भगवान विष्णु का अवतार बताने वाले और बोतल के पानी को "अमृत" बताकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले कथित बाबा हरिओम उर्फ "बोतल बाबा" को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लाखों अनुयायियों का दावा करने वाला यह ढोंगी बाबा अब पुलिस हिरासत में है। कार्रवाई औरैया जिले की एक महिला की शिकायत के आधार पर की गई है।
बोतल के पानी को बताता था अमृत
जानकारी के अनुसार, कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र स्थित चैन का पुरवा गांव में हरिओम ने अपना दरबार और प्रभाव क्षेत्र बना रखा था। बाबा दावा करता था कि उसके द्वारा फूंक मारने के बाद बोतल का पानी अमृत बन जाता है, जिससे हर प्रकार की बीमारी ठीक हो सकती है। सोशल मीडिया पर उसके कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें वह तंत्र-मंत्र के जरिए चमत्कार दिखाने और मृत बच्चे को जीवित करने जैसे दावे करता नजर आता है।
इतना ही नहीं, बाबा अपने हाथों को स्टेथोस्कोप बताकर मरीजों की जांच करता था और लोगों को डॉक्टरों के पास जाने से भी रोकता था।
महिला से 40 हजार रुपये ठगने का आरोप
मामले का खुलासा तब हुआ जब औरैया जिले के फफूंद क्षेत्र की एक महिला ने बाबा समेत 10 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि बाबा ने उस पर काली शक्तियों का साया होने का डर दिखाकर पूजा-पाठ और बाधा निवारण के नाम पर 40 हजार रुपये वसूल लिए।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, डराया-धमकाया गया तथा उसके साथ अभद्रता, मारपीट और दुष्कर्म का प्रयास किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने बाबा हरिओम सहित 10 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी हरिओम उर्फ बोतल बाबा को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास फैलाकर लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में बाबा के कथित चमत्कारों और उसके नेटवर्क को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

