(CG ई खबर जिला |कोरबा जिला संवाददाता – नारायण चंद्राकर)
कोरबा में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल, पिकअप चालक और कबाड़ दुकान संचालक को पुलिस ने भेजा जेल, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक जिला कोरबा में SECL की खदानों में चोरी और लूट की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र की SECL बांकी नंबर-4 खदान का है, जहां 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब एक बजे 10 से 12 नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने गैस कटर की मदद से स्टोर में रखे लोहे के रैक और SECL की संपत्ति के पाइप काटे और करीब 28 हजार रुपये कीमत का सामान लेकर फरार हो गए।
इस मामले में बांकीमोंगरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल विश्वकर्मा (22 वर्ष) और आकाश साहू (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन, गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। हालांकि, वारदात में शामिल बताए जा रहे 10 से 12 बदमाशों में से अभी केवल दो की गिरफ्तारी हुई है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
आधी रात खदान में घुसे नकाबपोश, चौकीदारों को बनाया बंधक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26-27 अक्टूबर 2026 की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश बदमाश SECL की बांकी नंबर-4 खदान परिसर में दाखिल हुए। उस समय वहां सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। बदमाशों ने चौकीदारों को अपने कब्जे में लेकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए, ताकि वे तत्काल किसी को सूचना न दे सकें।
इसके बाद आरोपियों ने खदान के स्टोर में रखे लोहे के रैक और SECL संपत्ति के पाइप को गैस कटर से काटना शुरू कर दिया। बदमाश करीब 28 हजार रुपये कीमत का सामान लेकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने के बाद जाते समय आरोपियों ने चौकीदारों के मोबाइल फोन वापस कर दिए।
सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर दर्ज हुआ अपराध
घटना के संबंध में SECL सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर 2026 को थाना बांकीमोंगरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पिकअप वाहन चालक राहुल विश्वकर्मा और कबाड़ दुकान संचालक आकाश साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों की वारदात में संलिप्तता सामने आई। चोरी की संपत्ति के निपटान तथा खरीद-बिक्री में भूमिका पाए जाने पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(3) और 317(5) भी जोड़ी गई।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- राहुल विश्वकर्मा (22 वर्ष), पिता स्व. राजकुमार विश्वकर्मा, निवासी विनायक पब्लिक स्कूल के पास, बांकीमोंगरा।
- आकाश साहू (20 वर्ष), पिता स्व. रंजीत साहू, निवासी SECL अस्पताल के पास, बांकीमोंगरा।
पुलिस ने क्या-क्या किया जब्त?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामग्री जब्त की है:
- पिकअप वाहन क्रमांक CG 12 BJ 6180
- एक गैस कटर
- एक ऑक्सीजन सिलेंडर
- दो मोबाइल फोन
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
सितंबर में भी SECL खदान में हुई थी बड़ी वारदात
कोरबा जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र में खदानों को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सितंबर 2026 में SECL की सुराकछार नंबर-4 इंक्लाइन खदान में भी आधी रात को 10 से 15 बदमाशों ने प्रवेश कर सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की थी और करीब 55 हजार रुपये कीमत की कॉपर केबल काटकर ले गए थे। उस मामले में पुलिस ने तीन बालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया था तथा सात नाबालिगों को विधि से संघर्षरत बालक के रूप में पकड़ा था। इस तरह लगातार सामने आ रही घटनाएं खदानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल: आखिर कैसे अंदर पहुंच जाते हैं इतने बदमाश?
बांकी नंबर-4 खदान की घटना ने SECL की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। जब खदान परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं, तब 10 से 12 नकाबपोश बदमाश एक साथ अंदर कैसे दाखिल हो गए? क्या खदान परिसर की बाउंड्रीवाल, प्रवेश द्वार और रात्रिकालीन निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है? गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जैसे उपकरण लेकर बदमाश परिसर में पहुंचे और काफी समय तक लोहे के सामान को काटते रहे, इसके बावजूद समय रहते उन्हें रोकने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी?
दूसरी ओर, कबाड़ खरीदने और बेचने वाले कारोबारियों की भूमिका भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। चोरी की संपत्ति आखिर किसे बेची जानी थी और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन 10 से 12 लोगों के शामिल होने की जानकारी के बीच बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति की बरामदगी अहम होगी। साथ ही SECL प्रबंधन को भी खदान परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रात्रिकालीन निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और सुरक्षा गश्त को मजबूत करने की जरूरत है।
CG ई खबर के सवाल: क्या SECL प्रबंधन इन घटनाओं के बाद खदानों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराएगा? क्या कबाड़ खरीदने-बेचने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच से चोरी की संपत्ति के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लग सकेगी? इन सवालों के जवाब जरूरी हैं।


