ads

Adsterra

ब्रेकिंग न्यूज़ : कोरबा ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वाधान द्वारा SECL खदानो का एतिहासिक बंद, SECL कोयला उत्पादन और परवहन रहा ठप्प


CG ई ख़बर की बड़ी ख़बर 
16 अप्रैल 2025 को ऊर्जाधानी कोरबा भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के द्वारा SECL की कोयला खदानों में भू-विस्थापितों ने पहली बार एकजुट होकर SECL खदानों के ऐतिहासिक बंद का आह्वान किया है। इस आंदोलन ने कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और कोरबा क्षेत्र की खदानों में कोयला उत्पादन, मिट्टी उत्खनन और परिवहन कार्य को पूरी तरह से ठप्प कर दिया है।

यह आन्दोलन सुबह 6 बजे से कुसमुंडा क्षेत्र में व 8 बजे से दीपका-गेवरा क्षेत्र की खदानों में शुरू हुआ है,  इस प्रदर्शन ने SECL प्रबंधन के खिलाफ भू-विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध आक्रोश को उजागर किया है। कुसमुंडा क्षेत्र में व्यापक प्रदर्शन में कुसमुंडा क्षेत्र के पाली, पडनिया, रिसदी, जटराज, खोडरी, गेवरा बस्ती, धरमपुर, नाराईबोध-जेलपारा सहित सात से अधिक गांवों के सैकड़ों लोग समिति के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे है। सैकड़ो प्रदर्शनकारियों ने SECL महाप्रबंधक का पुतला दहन किया व साथ ही विशाल रैली निकाली गई, भिलाई बाजार के मुहाने पर खदान के कार्य को पूरी तरह बंद कराया गया व आंदोलन में सभी आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मचारियों और ठेका कामगारों ने भी समर्थन जताया व अपनी ड्यूटी का बहिष्कार कर वाहनों को खड़ा कर दिया गया।



गेवरा और दीपका में खनन कार्य रहा पूर्ण रूप से ठप्प

गेवरा खदान के नराईबोध, रलिया, आमगांव में जो SECL खदान खनन करती है उन सारे फेस को प्रदर्शनकारियों ने बंद करा दिया, इसी प्रकार दीपका क्षेत्र के अमगांव, दर्राखांचा, मलगांव और सुवाभोंडी फेस की खदानों में भी उत्पादन और परिवहन कार्य पूरी तरह बंद था। कोरबा क्षेत्र के सराईपाली SECL परियोजना में सुबह से ही धरना शुरू हो गया था, जिसने खदान के सभी कार्यों को रोक दिया गया।


भू-विस्थापितों का यह पहला एकजुट आंदोलन रहा

ऊर्जाधानी कोरबा भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के बैनर तले यह पहला अवसर रहा जिसमे सभी भू-विस्थापितों ने SECL की जितनी प्रमुख खदानें थी उसे एक साथ बंद करने का कदम उठाया, भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति व अन्य जितने भी प्रदर्शनकारी लंबे समय से उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर जैसी मांगों को लेकर SECL प्रबंधन से नाराज हैं, आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने SECL के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।





एसईसीएल मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर समस्याओं पर चर्चा के लिए प्रबन्धन किया पेशकश

आंदोलन की तीव्रता व आक्रोश को देखते हुए SECL के अध्यक्ष, सह प्रबंधक निदेशक सहित सभी बोर्ड मेम्बर के साथ 22 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठक SECL मुख्यालय में आयोजित की जाएगी, उसमें सबसे पहले क्षेत्रीय लोगो के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। उस बैठक में भू-विस्थापितों की सभी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा व साथ ही प्रबंधन के द्वारा उनकी मांगों का समाधान भी निकाला जाएगा। इस आश्वासन के बाद हड़ताल को कोरबा भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति व प्रदर्शनकार्यो द्वारा स्थगित करने का निर्णय लिया गया ।


SECL को प्रभाव और भविष्य

इस हड़ताल से SECL की कोयला आपूर्ति और उत्पादन पर तात्कालिक प्रभाव पड़ा है, जिसका प्रभाव क्षेत्रीय बिजली संयंत्रों और अन्य उद्योगों पर भी पड़ा है। समिति के नेतृत्व में भू-विस्थापितों का यह आंदोलन न केवल उनकी एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि कोयला उद्योग में सामाजिक और भू-विस्थापितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है ।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad






Ads





ads