कोरबा | (CG ई खबर): पति-पत्नी के बीच आए दिन होने वाले विवाद ने आखिरकार एक जघन्य अपराध का रूप ले लिया। पत्नी और उसके भाई ने मिलकर पति की हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। मामले की सच्चाई सामने आने पर न्यायालय ने दोनों को कठोर सजा सुनाई है।
यह था मामला
18 जून 2024 को राजकुमार चौहान ने पुलिस चौकी रजगामार में सूचना दी थी कि बहनोई मधुसूदन हंसराज ने आत्महत्या कर ली है। बताया गया था कि शराब के नशे में पत्नी से विवाद के बाद उसने आंगन के पास बाथरूम में नायलॉन की रस्सी से फांसी लगाई। पड़ोसियों ने इसकी पुष्टि करते हुए पुलिस को सूचना दी।
जांच में हुआ खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक मधुसूदन अक्सर पत्नी सरस्वती पर चरित्र को लेकर शक करता था। इससे घर में आए दिन विवाद होता था। विवादों से तंग आकर सरस्वती और उसका भाई राजकुमार चौहान ने मिलकर मधुसूदन की हत्या कर दी। सिर को दीवार पर पटकने से उसकी मौत हुई और बाद में दोनों ने शव को फांसी पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की चोट से मौत की पुष्टि हुई।
न्यायालय का फैसला
पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर मामला न्यायालय में पेश किया। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे ने सुनवाई के बाद सरस्वती हंसराज और राजकुमार चौहान को हत्या व साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया।
- धारा 302, 34 भादवि में आजीवन कारावास और 100-100 रुपये जुर्माना
- धारा 201, 34 भादवि में 3-3 वर्ष का कारावास और 100-100 रुपये जुर्माना
- जुर्माना न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद
सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी। राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने पक्ष रखा और कठोर दंड की मांग की थी।









