कोरबा (CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल) : कोरबा/कुसमुंडा — भूमि अधिग्रहण के बाद से 22 वर्षों से रोजगार और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे प्रभावित परिवारों का सब्र आखिर टूट गया। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के खिलाफ अब प्रभावित परिवारों ने 17, 18 और 19 नवंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का एलान कर दिया है।
प्रभावितों ने घोषणा की है कि वे मुख्यमहाप्रबंधक कार्यालय के दोनों मुख्य गेटों पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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| आवेदन सामने |
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| आवेदन पीछे |
मुख्य मुद्दे और आरोप
1️⃣ 22 वर्षों से रोजगार लंबित
प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद से उन्हें नौकरी देने का वादा बार-बार किया गया, लेकिन आज तक सिर्फ “झूठे आश्वासन” ही मिले। रोजगार न मिलने से परिवारों की आर्थिक व मानसिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।
2️⃣ पीढ़ियों का भविष्य संकट में
परिवारों ने बताया कि जमीन-जायदाद चली जाने से आजीविका खत्म हो गई। मजबूरी में कई युवा गलत रास्तों या नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में है।
3️⃣ अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि जब वे महाप्रबंधक से मिलने गए तो अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने उन्हें पुलिस के माध्यम से जेल भिजवाने की धमकी दी, जिसे परिवारों ने अपने आत्म-सम्मान पर हमला बताया।
4️⃣ स्वास्थ्य पर बुरा असर
आर्थिक संकट और रोजगार के अभाव में कई परिवार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इलाज कराने लायक पैसे तक नहीं बचे, जिससे मानसिक और शारीरिक कमजोरी बढ़ती जा रही है।
5️⃣ पुनर्वास की मांग को दबाने की कोशिश
प्रभावितों का कहना है कि जब तक जमीन के बदले सम्मानजनक रोजगार और पूर्ण पुनर्वास नहीं दिया जाता, तब तक कोयला उत्खनन उनकी नजर में “निर्थक” है।
प्रबंधन को चेतावनी
परिवारों ने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर साफ कहा है कि हड़ताल के दौरान किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पूरी जिम्मेदारी SECL कुसमुंडा प्रबंधन की होगी।
👉 जिलाधीश से गुहार
प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि उनकी गंभीर आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए शीघ्र न्याय दिलाया जाए और 22 वर्षों से लंबित मामलों का निराकरण तुरंत किया जाए।












