सक्ती (CG ई खबर) : छत्तीसगढ़ में आज 15 नवंबर से धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। सरकार ने राज्यभर के किसानों से किए अपने वादे के मुताबिक खरीदी केंद्रों में व्यापक तैयारी का दावा किया है। इसी बीच सक्ती जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सहकारी समितियों में हड़कंप मचा दिया है।
सक्ती जिले में 7 कर्मचारी बर्खास्त – धान खरीदी में बाधा का आरोप
Chhattisgarh Dhan Kharidi Latest News:
राज्य सरकार के निर्देश पर सक्ती जिले में सहकारी सेवा समिति के सात कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
इन कर्मचारियों पर धान खरीदी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रदेशभर में एस्मा लागू होने के बाद जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई कर अन्य आंदोलनकारी कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। फैसले के बाद सहकारी समितियों में तनाव का माहौल है।
गृह मंत्रालय का आदेश जारी – धान खरीदी अवधि में हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध
छत्तीसगढ़ सरकार आज से 25 लाख से ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू कर रही है।
वहीं सहकारी समितियों के कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
इसी बीच गृह विभाग ने एस्मा लागू करते हुए अधिसूचना जारी की।
आदेश में कहा गया है—
- धान खरीदी अवधि में किसी भी प्रकार की हड़ताल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
- खरीदी कार्य से इंकार करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- किसानों को किसी भी स्थिति में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- कर्मचारी तुरंत अपने कार्यस्थल पर लौटें, अन्यथा कठोर विभागीय कार्रवाई होगी।
टोकन ऐप फिर फेल — किसानों को बढ़ी परेशानी
सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी।
लेकिन किसानों के हाथ में अब तक टोकन नहीं है, क्योंकि टोकन तुँहर हाथ ऐप बार-बार फेल हो रहा है।
- कई किसान रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं।
- दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, रायगढ़ जैसे बड़े जिलों में भी टोकन वितरण प्रभावित।
- किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ।
सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था का दावा किया है, पर जमीनी स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है।
सीएम विष्णु देव साय का ट्वीट — "किसान की मेहनत का उत्सव"
धान खरीदी शुरू होते ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“छत्तीसगढ़ में धान खरीदी किसान भाइयों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। धान खरीदी को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।”
उन्होंने तकनीकी व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा—
“तुँहर टोकन एप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर…हर स्तर पर पारदर्शिता और किसान-हित प्राथमिकता है। हमारा संकल्प है—किसान को सुविधा, सम्मान से खरीदी और समय पर भुगतान।”









