श्रीनगर (CG ई खबर): नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण धमाके को लेकर गृह मंत्रालय ने बड़ा खुलासा किया है। मंत्रालय के अनुसार यह घटना कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट की सैंपलिंग के दौरान हुए विस्फोट का परिणाम थी। फरीदाबाद से जब्त किए गए जिस विस्फोटक सामग्री को थाने में खुले में रखा गया था, उसी में अचानक ब्लास्ट हो गया।
इस दर्दनाक घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
360 किलो अमोनियम नाइट्रेट था धमाके का कारण
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद किए गए लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट को नौगाम थाने में परीक्षण के लिए रखा गया था। यह विस्फोटक डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के मकान से जब्त किया गया था, जो दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आतंकियों में शामिल था।
DGP नलिन प्रभात ने बताया कि पिछले दो दिनों से इस विस्फोटक की सैंपलिंग प्रक्रिया चल रही थी। मृतकों में FSL टीम के 3 सदस्य, स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम का एक अधिकारी, दो फोटोग्राफर, और एक टेलर शामिल हैं। धमाका इतना जबरदस्त था कि थाना भवन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास की संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
लालकिला कार ब्लास्ट मॉड्यूल से जुड़ा था यह विस्फोटक
10 नवंबर को दिल्ली के लालकिला के पास i20 कार में हुए भयंकर विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी। नौगाम थाने में रखा गया अमोनियम नाइट्रेट इसी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और जांच प्रक्रिया के दौरान अचानक ब्लास्ट हो गया।
धमाके के बाद पूरे थाना परिसर में आग लग गई, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। अभी तक 30 से अधिक लोग घायल हैं और उनका उपचार जारी है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पुष्टि कर रही हैं कि पूरा 360 किलो विस्फोटक थाने में मौजूद था या इसका कुछ हिस्सा कहीं और भी रखा गया था।









