फर्जी वर्दी पहनकर रेलवे परिसर में घूमना गंभीर अपराध है और यात्री सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जाता है।

CG.ई ख़बर


रायपुर/कल्याण।
रेलवे स्टेशन पर फर्जी वर्दी में घूम रहे एक युवक को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी खुद को आरपीएफ का असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। हैरानी की बात यह रही कि युवक ने असली ASI से सेल्फी लेने की कोशिश भी की और अपनी पोस्टिंग वंदे भारत ट्रेन में होने का झूठा दावा किया।

◾ कैसे पकड़ा गया फर्जी ASI?

घटना 12 नवंबर 2025 की है।
कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 पर गश्त कर रहे आरपीएफ ASI रमेशसिंह यादव को दोपहर करीब 1:30 बजे एक युवक पूरी आरपीएफ वर्दी में संदिग्ध रूप से घूमता दिखा।

युवक ने ASI यादव से खुद सेल्फी लेने की बात कही। संदेह होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसकी पोस्टिंग ऑस्टिन आरपीएफ, पुणे में है और वह वंदे भारत ट्रेन में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी कर रहा है।

जब ASI यादव ने उससे एस्कॉर्टिंग पार्टी के अन्य स्टाफ के बारे में पूछा, तो उसने कहा कि सभी ब्रिज पर तैनात हैं। लेकिन ब्रिज पर जाकर देखने पर कोई स्टाफ नहीं मिला, जिससे शक और बढ़ गया।

◾ जांच में सच आया सामने

पूछताछ के दौरान युवक अपने जवाबों में उलझता गया और अंततः यह साफ हो गया कि वह फर्जी ASI है और अवैध रूप से आरपीएफ वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था

इसके बाद आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को जीआरपी कल्याण को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया।

◾ क्या है आगे की कार्रवाई?

जीआरपी आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसने वर्दी कहां से हासिल की और इसका उद्देश्य क्या था। उसके खिलाफ धारा 170 (सरकारी कर्मचारी का भेष धारण करना) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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