कोरबा (CG ई खबर) : कोरबा। तरईडांड़ गांव में 11-12 नवंबर 2025 की दरम्यानी रात हुई सनसनीखेज डकैती में अब बड़ा और चौंकाने वाला एंगल सामने आ रहा है। डकैतों द्वारा बार-बार “चौरसिया का पैसा कहाँ रखा है?” पूछे जाने के बाद अब इस घटना का सीधा संबंध कोयला लेवी घोटाले की आरोपी सौम्या चौरसिया से जोड़े जाने की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
डकैतों ने घर का कोना-कोना खंगाला, फर्श-दीवार तक खोदी
पीड़ित शत्रुघ्न दास ने बताया कि करीब 20–25 नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और उन्हें धमकाने लगे कि “20–25 लाख रुपये चौरसिया ने तुम्हारे पास रखवाया है, बताओ पैसा कहाँ है… नहीं तो रेड पड़ेगी और जान से हाथ धोना पड़ेगा।”
परिवार के इनकार करने पर डकैत बेतहाशा घर की तलाशी लेने लगे।
सूत्रों के अनुसार, डकैतों ने —
- सभी कमरों में रखी नगदी और जेवरात लूटे
- 3–4 फीट गहरे गड्ढे खोद डाले — बाथरूम, किचन, पूजा कक्ष तक में
- दीवारें खुरचीं, संदूक-अलमारी तोड़ी
लेकिन उन्हें ऐसी कोई रकम नहीं मिली जिसका दावा वे कर रहे थे।
सौम्या चौरसिया का कनेक्शन – संदेह की नई दिशा
विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, शत्रुघ्न दास के परिवार की एक बेटी कई वर्षों तक सौम्या चौरसिया के घर में रही और उनकी देखरेख में पली-बढ़ी।
बताया जा रहा है कि:
- जेल जाने के बाद भी यह युवती सौम्या की खास राजदार बनी रही
- युवती ने उनके कहने पर रुपये ठिकाने भी लगाए
- बाद में युवती ने पैसे की जानकारी देने से इनकार कर दिया
- इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं और युवती अब न तो घर में है और न सौम्या के पास
अपुष्ट चर्चाओं में यह दावा भी सामने आ रहा है कि सौम्या अपने कथित पैसों को वापस पाने के लिए दबाव बना रही थीं, और इसी प्रयास में युवती के परिवार के यहां डकैती डलवाए जाने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
हालांकि यह सभी बातें अभी केवल चर्चाएँ और कयास हैं — पुलिस पुष्टि मिलने तक इन्हें प्रमाण नहीं मान रही है।
एफआईआर में सौम्या चौरसिया का नाम नहीं, लेकिन पीड़ित ने वीडियो बयान में लिया नाम
दिलचस्प बात यह है कि शत्रुघ्न दास द्वारा दर्ज कराई गई FIR में सौम्या चौरसिया का कहीं उल्लेख नहीं है, परंतु वीडियो बयान में उन्होंने स्पष्ट रूप से चौरसिया का नाम लिया है जिससे जांच की दिशा बदल सकती है।
घटना का पूरा घटनाक्रम (एफआईआर के आधार पर)
प्रार्थी शत्रुघ्न दास, उम्र 49 वर्ष, निवासी तरईडांड़, ने पुलिस को बताया—
- रात 1 बजे कबूतरों की आवाज सुनकर जागे
- जैसे ही दरवाजा खोला, आंगन में 15–18 युवक खड़े दिखे
- वह चिल्लाए — “चोर-चोर”, जिस पर चार युवक दौड़ते हुए आए
- कनपटी पर पिस्तौल, गले में तलवार रखकर बांध दिया
- कहा— “थाना गए तो घर उड़वा देंगे… एक बिहारी सब पर भारी”
- परिवार के 11 सदस्यों को रस्सियों से बांध दिया
- हथियार:
- 3 के हाथ में पिस्तौल
- 1 के पास लकड़ी का डंडा
- बाकी के पास चाकू-तलवार
- सभी स्वेटर, जैकेट और ग्लव्स पहने थे
- भाषा: हिंदी और बिहारी
- अंदर जाते ही पुरुषों को पीठ पर चप्पल से पीटा, मामूली चोटें आईं
- जाते-जाते पांच मोबाइल फोन भी ले गए
- और परिवार को कमरे में बंद कर सिटकनी बाहर से लगा दी
डकैतों द्वारा लूटा गया सामान
कुल अनुमानित कीमत ₹5,40,000 —
- चांदी का पायल, करधन, बाजूबंद, बिछिया, तीन जोड़ी पायल
- सोने का मंगलसूत्र, अंगूठियाँ, नथनी, चैन
- दो लाख रुपये नकद
- कई अलमारियाँ-संदूक तोड़े
जाते-जाते छोड़ी वस्तुएँ
- एक धारदार तलवार
- तीन ग्लव्स
- हरे रंग की नाइलोन रस्सी
- एक सब्बल
- ब्राउन टेप का टुकड़ा
परिवार ने रस्सियाँ काटकर कमरे का रोशनदान तोड़ा, फिर बाहर निकलकर लोगों को सूचना दी।
FIR पर धारा 310(2) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस की जांच तेज – अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई है।
- गांव-जंगल की घेराबंदी
- मोबाइल लोकेशन की ट्रेसिंग
- आसपास के हाईवे-रूट की निगरानी
- संदिग्ध युवकों की पहचान में जुटी पुलिस
यह जांच अब दो दिशाओं में चल रही है:
- डकैत गिरोह का अपराध
- चौरसिया एंगल का संभावित कनेक्शन
अभी तक मामला काफी उलझा हुआ है और कई सवाल अनसुलझे हैं।
क्या यह संगठित डकैती थी?
क्या किसी ने जानबूझकर चौरसिया का नाम इस्तेमाल किया?
या फिर मामला उससे भी बड़ा है?
इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।










