कोरबा (CG ई खबर | कोरबा जिला संवाददाता : सत्या पटेल)— दर्री स्थित सीएसईबी प्लांट में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बड़ा हादसा हो गया। प्लांट के पास स्थित स्टाप डैम का तटबंध अचानक टूट गया, जिसके बाद तेज़ बहाव के साथ भारी मात्रा में पानी सीधे पॉवर प्लांट के अंदर घुस गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि कर्मचारी जान बचाने के लिए भागते हुए बाहर निकले। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर पानी से भर गया और विद्युत उत्पादन पूरी तरह बंद पड़ गया।
पहले से दिखाई दे रहे थे संकेत, फिर भी अनदेखी सूत्रों के अनुसार, स्टाप डैम में पहले से दरार मौजूद थी। कर्मचारियों ने कई बार इसकी जानकारी प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को दी थी, लेकिन समय पर मरम्मत और सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही ही इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी है।
पानी घुसते ही मचा अफरा-तफरी अचानक प्लांट परिसर में पानी का भरना शुरू हुआ तो कर्मचारी पहले समझ ही नहीं पाए। कुछ ही मिनटों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया और मशीनों तक पानी पहुंच गया, जिसके बाद पूरे यूनिट का पावर प्रोडक्शन ठप हो गया। इसी दौरान कर्मचारी और तकनीशियन अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते देखे गए।
अधिकारियों ने प्लांट परिसर किया बंद घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लांट परिसर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्लांट से लगे बाईपास मार्ग पर भी आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
मरम्मत और पानी निकालने का काम जारी फिलहाल प्लांट में घुसे पानी को बाहर निकालने और तटबंध की आपातकालीन मरम्मत का काम तेजी से जारी है। नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन बाद में किया जाएगा। वहीं विद्युत उत्पादन दोबारा कब शुरू होगा, इस पर अधिकारी कोई स्पष्ट बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल हादसे की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि समय रहते दरार की मरम्मत कर दी जाती तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। कई कर्मचारी इसे सीधे-सीधे प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम बता रहे हैं।
घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की मांग भी उठने लगी है।
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