तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी कार्यालय सुनसान, 11 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा, 30 दिसंबर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर चल रही प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय कलमबंद–कामबंद हड़ताल के दूसरे दिन भी कोरबा जिले में शासकीय कामकाज पूरी तरह ठप रहा। राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिकों को प्रमाण पत्र, फाइल निपटान, भुगतान और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
फेडरेशन के अनुसार, कोरबा जिले में लगभग 20 हजार कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हैं, जबकि प्रदेशभर में यह संख्या करीब 4.75 लाख बताई जा रही है। 29 से 31 दिसंबर तक चलने वाली इस हड़ताल के माध्यम से कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को शासन तक पहुंचाने पर अड़े हुए हैं। फेडरेशन पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
प्रशासन का रुख
इस संबंध में अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल ने बताया कि यह तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल है। हालांकि अधिकारी वर्ग कार्यालयों में उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण का प्रयास कर रहा है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख 11 मांगें
- केंद्र के समान महंगाई भत्ता लागू करना।
- डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित करना।
- चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करना।
- पिंगुआ कमेटी रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियां दूर करना।
- प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना एवं पंचायत सचिवों का शासकीयकरण।
- सहायक शिक्षकों एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान।
- अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत सीलिंग से छूट।
- प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना।
- अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करना।
- दैनिक, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित करना।
आज का घटनाक्रम
हड़ताल का आज तीसरा और अंतिम दिन है। फेडरेशन की ओर से शाम 4 बजे जिला कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर शासन का ध्यान मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।


