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SECL बोर्ड ने नरईबोध विस्थापितों के पुनर्वास को दी हरी झंडी


गेवरा OCP से प्रभावित परिवारों को जरहाजेल में मिलेगा नया आशियाना

(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)

बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के निदेशक मंडल ने गेवरा ओपन कास्ट परियोजना (OCP) से प्रभावित नरईबोध गांव के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने कुसमुंडा क्षेत्र अंतर्गत स्थित जरहाजेल गांव में 74.71 एकड़ (लगभग 30 हेक्टेयर) भूमि को पुनर्वास स्थल के रूप में उपयोग करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह निर्णय कोयला मंत्रालय (MoC) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जो कोल बीयरिंग एरियाज (एक्विजिशन एंड डेवलपमेंट) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत अधिग्रहित भूमि के बहुउद्देशीय उपयोग की अनुमति प्रदान करते हैं।

बोर्ड की इस मंजूरी के बाद गेवरा परियोजना से विस्थापित नरईबोध गांव के परिवारों को जरहाजेल में विकसित किए जाने वाले नए पुनर्वास स्थल पर बसाया जाएगा। इससे लंबे समय से लंबित पुनर्वास संबंधी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है।

SECL के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह फैसला कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी, मानवीय सरोकार और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले चरणों में पुनर्वास स्थल पर भूमि विकास, सड़क, बिजली, पेयजल, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर इस निर्णय को विस्थापित परिवारों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है, जिससे उन्हें सुरक्षित और स्थायी जीवन की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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