मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ के 12 कोयला क्षेत्रों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
कोरबा/गेवरा (CG ई खबर | प्रमुख संपादक : ओम प्रकाश पटेल)साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न कोयला क्षेत्रों के भूविस्थापितों का एसईसीएल स्तरीय महासम्मेलन कल 12 जनवरी 2026 को आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र स्थित नराईबोध भूविस्थापित भवन में सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगा।
इस महासम्मेलन का आयोजन ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की कोयला परियोजनाओं से प्रभावित विभिन्न संगठनों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलनों को एकजुट कर फेडरेशन बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि रोजगार, उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं बुनियादी सुविधाओं जैसी जायज मांगों को लेकर चल रहे संघर्ष को और अधिक मजबूत किया जा सके।
सम्मेलन में भूविस्थापितों की समस्याओं को लेकर आगामी दिनों में बिलासपुर मुख्यालय, कोल इंडिया लिमिटेड, कोलकाता एवं कोयला मंत्रालय, नई दिल्ली में बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
इस ऐतिहासिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा, कोरबा, रायगढ़, बैकुंठपुर, विश्रामपुर, भटगांव, चिरमिरी एवं हसदेव क्षेत्रों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के सोहागपुर एवं जमुना-कोतमा क्षेत्रों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में किसान नेता, हाईकोर्ट अधिवक्ता, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीणों की उपस्थिति रहेगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के मीडिया प्रभारी ललित महिलांगे ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक सम्मेलन है, जिसमें पहली बार एसईसीएल की सभी खदानों के भूविस्थापित प्रतिनिधि एक मंच पर एकत्र हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए आगे की लड़ाई को मजबूती देने की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।









