(शून्य प्रगति व अनुशासनहीनता पर जिला पंचायत सीईओ का कड़ा रुख)
(CG ई खबर | बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ : विजय चौहान)
कोरबा। जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में हो रही लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शून्य प्रगति पाए जाने पर 9 कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि बिना पूर्व सूचना के 7 ग्राम सचिव एवं 11 रोजगार सहायक अनुपस्थित रहे। इस गंभीर अनुशासनहीनता को देखते हुए कुल 18 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीईओ दिनेश कुमार नाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजना है, जिसका उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को समय-सीमा के भीतर पक्का आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जनपद पंचायत कोरबा की 9 ग्राम पंचायतों में अब तक आवास निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हो सका है। इस पर नाराजगी जताते हुए सीईओ ने संबंधित नोडल अधिकारी, तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायकों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
सीईओ ने निर्देशित किया कि प्रथम किश्त प्राप्त कर चुके सभी आवासों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। वहीं, पीएम जनमन आवास योजना की कमजोर प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए 15 दिनों के भीतर ठोस सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पीएम जनमन एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की संयुक्त समीक्षा करते हुए सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी समीक्षा बैठक में यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में जनपद पंचायत स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, जिला आवास समन्वयक, आवास योजना से जुड़े नोडल अधिकारी एवं मैदानी स्तर के कर्मचारी उपस्थित रहे।










