अपना घर सेवा आश्रम के सेवाभावी सदस्यों का हुआ सम्मान, ‘मिशन 365’ का शुभारंभ

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(CG ई खबर | कटघोरा ब्लॉक संवाददाता : पिंकी महंत)

कोरबा।
छत्तीसगढ़ को लावारिस-मुक्त बनाने के संकल्प के साथ निरंतर सेवा कार्यों में जुटे ‘अपना घर सेवा आश्रम’ में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आश्रम से जुड़े सेवाभावी सदस्यों, रोटी बैंक की महिलाओं तथा नियमित सहयोगी दानदाताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आश्रम की नई कार्यकारिणी की घोषणा और प्रतिदिन 500 से अधिक जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लक्ष्य वाली ‘मिशन 365’ परियोजना का शुभारंभ किया गया।

मुख्य आयोजन एवं सम्मान

समारोह में महापौर संजू देवी राजपूत, भाजपा जिला महामंत्री नरेन्द्र देवांगन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने आश्रम के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कार्यक्रम के दौरान आश्रम की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें

  • अध्यक्ष : शिव अग्रवाल
  • सचिव : पी. दत्ता
  • कोषाध्यक्ष : गुरकमल सिंह
    को दायित्व सौंपा गया।

‘मिशन 365’ की विशेष पहल

‘मिशन 365’ के तहत कोई भी व्यक्ति 7100 रुपये की सेवा राशि देकर एक दिन की संपूर्ण भोजन सेवा का दायित्व उठा सकता है। इस पहल का उद्देश्य वर्ष के 365 दिन निरंतर जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराना है।

सेवा का अनूठा दर्शन

यद्यपि यह आयोजन कोरबा में संपन्न हुआ, लेकिन ‘अपना घर आश्रम’ का सेवा-दर्शन पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है।

  • आश्रम में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक ‘प्रभु जी’ कहकर संबोधित किया जाता है।
  • रहने, भोजन और इलाज की निःशुल्क सुविधा के साथ-साथ निधन की स्थिति में विधि-विधान से अंतिम संस्कार एवं पितृपक्ष में सामूहिक श्राद्ध की व्यवस्था भी की जाती है।
  • बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवार से मिलाने का कार्य भी आश्रम द्वारा किया जाता है। हाल ही में कुचामनसिटी आश्रम ने झारखंड से बिछड़े एक व्यक्ति को छह माह बाद उसके परिवार से मिलवाकर मानवता की मिसाल पेश की।

निष्कर्ष

कोरबा में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। ‘अपना घर सेवा आश्रम’ जिस समर्पण और संवेदनशीलता के साथ समाज के उपेक्षित वर्ग को सम्मान, गरिमा और नया जीवन दे रहा है, वह निस्संदेह मानवता की एक सशक्त मिसाल है।

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